आपके कैलेंडर में पहले से ही कितना कुछ भरा है, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। असली सवाल यह है कि उस भरे हुए समय में आप किन चीजों को सबसे आगे रखते हैं। बड़ी चट्टानें रेत के नीचे दब जाती हैं, लेकिन जरा धीमे हो जाएँ और उन्हें अलग करिए।
रविवार की रात को देखिए। आपका फोन, आपकी ईमेल, सोशल मीडिया, काम की बातें, परिवार की जिम्मेदारियाँ, स्वास्थ्य का संकल्प, किताबें पढ़ने की योजना, सब एक साथ माँग रहे हैं। सोमवार सुबह उठते ही पता चलता है कि आप जो करना चाहते थे, उसमें से आधा भी नहीं हुआ। क्यों? क्योंकि आपका जार पहले से ही रेत से भरा था।
गलत चीजों को प्राथमिकता देने की कीमत
1997 में Apple के पास यही समस्या थी। कंपनी असफलता के किनारे पर खड़ी थी। Steve Jobs जब वापस आए, तो उन्हें एक ऐसा संगठन मिला जो सब कुछ बना रहा था: कंप्यूटर, प्रिंटर, छोटी डिवाइसेस, सॉफ्टवेयर, एक दर्जन उत्पाद। कुछ भी शानदार नहीं था। सब कुछ ठीक-ठाक था। और यह बिल्कुल ठीक नहीं था।
Jobs का पहला कदम सबको चौंका गया। उन्होंने उन सभी प्रोजेक्टों को रोक दिया। अधिकांश उत्पादों को बंद कर दिया। केवल कुछ पर ध्यान देने का फैसला किया। उस समय, यह जोखिम भरा लग रहा था। कर्मचारियों को डर था, बोर्ड को संदेह था। क्या अगर यह गलत होता? क्या अगर कंपनी और भी गहरी गिरती?
पर यह असल प्राथमिकता थी। कुछ बड़ी चट्टानें पहचानना और बाकी सब को हटा देना। iMac पर ध्यान दें। MacBook पर ध्यान दें। Mac OS पर ध्यान दें। सब कुछ पर नहीं। यह फैसला, यह "नहीं" कहने का फैसला, वही था जो Apple को बचाया। Steve Isaacson की किताब Steve Jobs में यह दस्तावेज़ है: कैसे Jobs ने 1998-99 में iMac को बाजार में लाया, और कैसे यह बिक्री रिकॉर्ड तोड़ गया।
आपकी रविवार की रात पर यह कैसे लागू होता है
आपका जार सोमवार की सुबह को खाली करने के लिए अभी तैयार नहीं है क्योंकि आप सब कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं। काम की ईमेल का जवाब दें। ध्यान दें। व्यायाम करें। घर की सफाई करें। परिवार के साथ समय बिताएँ। पढ़ें। दोस्तों से बात करें। यह सब एक साथ नहीं हो सकता। कम से कम अच्छी तरह से नहीं।
तो आप क्या करते हैं? आप पहचानते हैं कि कौन सी चीजें वास्तव में बड़ी चट्टानें हैं। शायद यह आपका काम है: सही तरीके से करने के लिए, पूरे ध्यान से। शायद यह आपका परिवार है। शायद यह आपका स्वास्थ्य है। तीन चीजें। पाँच नहीं। तीन। बाकी सब को, कम से कम इस हफ्ते, रेत रहने दीजिए।
यह कठोर है। यह अजीब लगता है। आप सोचते हैं, "अगर मैं ईमेल का जवाब सोमवार तक न दूँ, तो क्या होगा?" शायद कुछ भी नहीं। शायद कम से कम सही काम तो होगा, जो आप करते हैं, वह ठीक से होगा।
Covey के माध्यम से हम सीखते हैं कि आप अपनी प्रतिक्रिया बदल सकते हैं। आप उस रविवार की रात को अलग तरीके से देख सकते हैं। आप उस जार को फिर से भर सकते हैं। लेकिन पहले, आप रेत से शुरू किए बिना, बड़ी चट्टानें डालिए।
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